Uttarakhand: साइबर ठगी की रकम अब घर बैठे मिलेगी, हेल्पलाइन- पोर्टल पर करें शिकायत

Uttarakhand: अब घर बैठे मिलेगी होल्ड की गई साइबर ठगी की रकम, इस हेल्पलाइन नंबर पर या पोर्टल पर करें शिकायत
हिंदी टीवी, देहरादून। Published by: Megha Jain Updated Mon, 08 Jun 2026
होल्ड की गई साइबर ठगी की रकम अब घर बैठे मिल सकेगी। 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर समय रहते शिकायत करने वालों को राहत मिलेगी।
साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए गृह मंत्रालय ने एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था शुरू की है। अब साइबर अपराध का शिकार हुए लोगों को अपने फ्रीज (होल्ड) किए गए पैसे की वापसी के लिए थानों, बैंकों और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आईफोरसी) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल शुरू कर दिया है जिसके माध्यम से पीड़ित स्वयं ऑनलाइन रिफंड का दावा कर सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। पोर्टल पर केवल वही लोग आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने समय रहते 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई हो और जिनकी धनराशि अपराधियों के बैंक खातों में होल्ड कराई जा चुकी हो। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल उन मामलों में उपलब्ध होगी जहां धनराशि अपराधियों के खातों में फ्रीज है। यदि पैसा खाते से निकाला जा चुका है तो इस पोर्टल के माध्यम से रिफंड संभव नहीं होगा।
एफआईआर के रिफंड की प्रक्रिया की जाएगी पूरी
नई व्यवस्था के तहत 50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि के मामलों में एफआईआर या न्यायालय के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस रिपोर्ट और इंडेमनिटी बॉन्ड के आधार पर राशि सीधे पीड़ित के खाते में वापस भेजी जाएगी। यदि कुल राशि 50 हजार रुपये से अधिक है लेकिन अलग-अलग खातों में फ्रीज हुई है और किसी एक खाते में 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं है, तब भी बिना एफआईआर के रिफंड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक राशि होल्ड होने पर एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर पीड़ित के आवेदन करने के बाद संबंधित पुलिस टीम की ओर से विधिक प्रावधानानुसार बीएनएसएस की धारा 106(3) के तहत नोटिस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक सीधे पीड़ित के बैंक खाते में धनराशि वापस कर देगा।
2. सिटीजन लॉगिन : पूर्व में एनसीआरपी शिकायत में पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करें।
3. रेज रिफंड रीक्वेस्ट : अपनी 14-अंकीय शिकायत आईडी डालकर ओटीपी सत्यापित करें। इसके बाद संबंधित होल्ड अमाउंट पोर्टल पर स्वतः प्रदर्शित हो जाएगा।
4. बैंक डिटेल : अपना पैन कार्ड अपलोड करें। जिस खाते में रिफंड प्राप्त करना है, उसका बैंक एकाउंट नंबर एवं आईएफसी कोड दर्ज करें।
5. घोषणा पत्र को टिक करके सबमिट करें। सबमिशन के बाद एक यूनीक रिक्वेस्ट आईडी प्राप्त होगी, जिससे आवेदन की स्थिति को ट्रैक किया जा सकेगा।















