हिमाचल भाजपा: 17 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी-सहप्रभारी नियुक्त

BJP Himachal: भाजपा ने 17 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 16 Jul 2026
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से 17 संगठनात्मक जिलों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही चेतन बरागटा को सोशल मीडिया एवं आईटी विभाग का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को और सशक्त बनाना है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिमाचल प्रदेश ने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश के 17 संगठनात्मक जिलों के लिए जिला प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। इसके साथ ही पार्टी ने सोशल मीडिया एवं आईटी विभाग के प्रदेश प्रभारी की भी नियुक्ति की है।
भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार चंबा के प्रभारी विपिन परमार और सह-प्रभारी रमेश राणा, नूरपुर के प्रभारी सुरेश चंदेल, कांगड़ा के प्रभारी विक्रम ठाकुर, देहरा के प्रभारी राजेश ठाकुर, पालमपुर के प्रभारी विनोद ठाकुर, लाहौल-स्पीति के प्रभारी नितिन कुमार, कुल्लू के प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, मंडी के प्रभारी सुरेश भारद्वाज, सुंदरनगर के प्रभारी तिलकराज शर्मा, हमीरपुर के प्रभारी अमित ठाकुर, ऊना के प्रभारी शिशु भाई धर्मी, बिलासपुर की प्रभारी रश्मिधर सूद, सोलन के प्रभारी राजपाल सिंह, सिरमौर के प्रभारी डॉ. संजय ठाकुर, महासू के प्रभारी डॉ. सिकंदर कुमार, शिमला के प्रभारी सुमीत शर्मा तथा किन्नौर के प्रभारी अजय राणा बनाए गए हैं। इनके साथ प्रत्येक जिले में सह-प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे संगठन की विचारधारा और नीतियों के अनुरूप पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिला प्रभारी और सह-प्रभारी संगठन तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, संगठनात्मक कार्यक्रमों को गति देने और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी संगठनात्मक अभियानों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में इन नेताओं का अनुभव पार्टी के लिए लाभदायक साबित होगा।















