Hindi TV NEWS

Top Menu

Main Menu

  • हिमाचल प्रदेश
    • शिमला
    • सोलन
    • किन्नौर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • ऊना
    • सिरमौर
    • मंडी
    • लाहौल & स्पीति
    • कुल्लू
    • कांगड़ा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • धार्मिक यात्रा
  • फ़िल्म

logo

Hindi TV NEWS

  • हिमाचल प्रदेश
    • शिमला
    • सोलन
    • किन्नौर
    • चंबा
    • हमीरपुर
    • ऊना
    • सिरमौर
    • मंडी
    • लाहौल & स्पीति
    • कुल्लू
    • कांगड़ा
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • धार्मिक यात्रा
  • फ़िल्म
  • चंडीगढ़: पानी परियोजना पर मेयर के खिलाफ भाजपा पार्षद

  • Haryana: भ्रष्ट अफसरों पर सख्ती, उसी जिले में नहीं होगी तैनाती

  • Uttarakhand: भाजपा कोर कमेटी की बैठक आज, धामी होंगे शामिल

  • Himachal: शिमला रूट पर 10 अगस्त तक छह ट्रेनें रद्द

  • हिमाचल: स्कूलों में प्रार्थना सभा में 15 मिनट पीटी अनिवार्य

शिमलाहिमाचल प्रदेश
Home›हिमाचल प्रदेश›शिमला›Himachal: दृष्टिबाधित भर्ती पर नया हलफनामा, ड्राइंग टीचर याचिका निपटी

Himachal: दृष्टिबाधित भर्ती पर नया हलफनामा, ड्राइंग टीचर याचिका निपटी

By hinditvnews
August 5, 2026
8
0
himachal high court

Himachal: दृष्टिबाधित चतुर्थ श्रेणी भर्ती पर हाईकोर्ट ने मांगा नया हलफनामा, ड्राइंग टीचर भर्ती याचिका निपटाई

हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 05 Aug 2026

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में दिव्यांगजनों के लिए स्वतंत्र राज्य आयोग का गठन न होने तथा दृष्टिबाधित श्रेणी के चतुर्थ श्रेणी पदों की भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता की कमी पर सख्त रुख अपनाया है।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में दिव्यांगजनों के लिए स्वतंत्र राज्य आयोग का गठन न होने तथा दृष्टिबाधित श्रेणी के चतुर्थ श्रेणी पदों की भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता की कमी पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम अधिकारिता (ईएसओएमएसए) निदेशक को नया और विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। इस नए हलफनामे में स्पष्ट रूप से दर्शाना होगा कि दृष्टिबाधित श्रेणी से चतुर्थ श्रेणी के पदों को भरने के लिए अब तक क्या ठोस प्रगति हुई है तथा जारी विज्ञापनों का पूर्ण ब्योरा क्या है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दाखिल अनुपालन हलफनामे से यह स्पष्ट हुआ है कि राज्य में स्वतंत्र दिव्यांगजन आयोग का गठन अभी तक नहीं किया गया है और यह प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है।

आयोग के न बनने के कारण इसके लिए अलग से ढांचा या समर्पित कर्मचारी तैनात नहीं किए जा सके हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने तर्क दिया कि 18 जून 2024 की अधिसूचना के तहत आयोग की शक्तियां निदेशक (ईएसओएमएसए)को सौंपा जाना वैधानिक रूप से सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य केवल स्वतंत्र दिव्यांगजन राज्य आयोग द्वारा ही निष्पादित किया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत के समक्ष चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों और विशेष रूप से दृष्टिबाधित व्यक्तियों की भर्ती का मुद्दा उठाया।  उन्होंने कहा कि 19 जून 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री की अध्यक्षता में ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश और नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड के प्रतिनिधियों के साथ पदों को भरने के संबंध में बैठक हुई थी। वहीं सरकार ने बताया कि विभिन्न विज्ञापनों के माध्यम से 172 पद भरे जा रहे हैं।इसके अलावा वर्ष 2025 का कोई मामला लंबित नहीं है और वर्ष 2026 का केवल एक मामला विचाराधीन है। हालांकि, हाईकोर्ट ने पाया कि वर्तमान हलफनामे में विज्ञापनों की तिथियों और पदों को भरने की अद्यतन स्थिति की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।

चेक बाउंस : कंपनी को पक्षकार बनाए बिना निदेशक के खिलाफ शिकायत अमान्य
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में एक महिला के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि कंपनी को पक्षकार नहीं बनाया जाता है, तो निदेशक या अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के खिलाफ शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और विजय बिश्नोई की पीठ ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक आदेश को रद्द किया। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को कंपनी को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कंपनी एक कानूनी व्यक्ति है और बैंक में खाता रख सकती है। यदि चेक कंपनी के खाते से जारी किया गया है, तो अपराध कंपनी की ओर से किया जाता है। शीर्ष अदालत ने माना कि शिकायत में कंपनी को आरोपी के रूप में शामिल न करना एक घातक दोष था। इस दोष के कारण शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता था। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि कंपनी को आरोपी बनाए बिना निदेशक के खिलाफ शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने कंपनी को स्वतः आरोपी बनाने का निर्देश देकर अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया। इसलिए, शिकायत और उससे संबंधित सभी कार्रवाई रद्द की जाती हैं। इस मामले में शिकायत में आरोप था कि कंपनी पर शिकायतकर्ता के पांच लाख रुपये बकाया थे। कंपनी की निदेशक और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आरोपी ने पांच लाख रुपये का चेक जारी किया था। यह चेक भुगतानकर्ता की ओर से भुगतान रोका गया… टिप्पणी के साथ वापस आ गया था। शिकायतकर्ता ने आरोपी को मांग नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शिकायत का संज्ञान लिया और आरोपी को तलब किया। आरोपी ने कार्रवाई रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उसने तर्क दिया कि चेक कंपनी के खाते से जारी हुआ था, इसलिए कंपनी को पक्षकार बनाए बिना शिकायत रद्द होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल के दौरान कंपनी को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत आरोपी बनाया जा सकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को रद्द करते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया।

हाईकोर्ट ने ड्राइंग टीचर भर्ती याचिका निपटाई, सरकार ने वापस ली रिक्विजिशन
हिमाचल प्रदेश में ड्राइंग टीचर के नियमित पदों को अनुबंध या नियमित आधार पर भरने से जुड़ी भर्ती अधिसूचना को लेकर दायर याचिका को हाईकोर्ट ने निष्प्रभावी मानते हुए निपटा दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा रिक्विजिशन वापस लिए जाने के बयान के बाद याचिका निष्प्रभावी घोषित कर दिया है। याचिकाकर्ता ने 7 मार्च 2026 की अधिसूचना और 7 मई 2026 की रिक्विजिशन को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त अधिवक्ता जनरल ने पीठ को सूचित किया कि स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी 2 जुलाई 2026 के पत्र के अनुसार, 7 मई 2026 की रिक्विजिशन को वापस ले लिया गया है। यह रिक्विजिशन सचिव (शिक्षा) और निदेशक, सैनिक कल्याण बोर्ड (पूर्व सैनिक), हमीरपुर को भेजी गई थी।

अदालत परिसरों में दिव्यांगों के लिए सुविधाओं पर हलफनामा पेश
प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला एवं उप-मंडल स्तर के अदालत परिसरों को दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य बनाने से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की पीठ के समक्ष हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से एक विस्तृत हलफनामा पेश किया गया। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दाखिल हलफनामे में स्पष्ट किया गया कि उच्च न्यायालय स्तर पर रजिस्ट्री में एक्सेसिबिलिटी कमेटी पहले से ही कार्यरत है। हालांकि, कोर्ट परिसरों में दिव्यांगों की सुगमता की जांच और निगरानी के लिए अभी तक किसी भी अधिकारी को एक्सेसिबिलिटी ऑडिटर के रूप में नामित नहीं किया गया है। हलफनामे में राज्य भर की अदालती इमारतों की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी गई। बताया गया है केवल जिला स्तर ही नहीं, बल्कि उप-मंडल स्तर के अदालती परिसरों में भी दिव्यांगों के आवागमन की सुविधाओं की समीक्षा की गई है। इस बात का पूरा ब्योरा पेश किया गया कि किन-किन अदालती परिसरों में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट और रैंप की सुविधा उपलब्ध है और किन स्थानों पर ये अभी तक नहीं हैं।कई अदालती परिसरों में नए रैंप और लिफ्ट लगाने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों का उल्लेख भी हलफनामे में किया गया है। अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल के हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त निर्धारित की है।

दिव्यांग स्कूल भवन हीरानगर की कमियों पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला के हीरानगर स्थित एम.आर. होम, हॉस्टल और स्कूल भवन के निर्माण में दिव्यांग अनुकूल सुविधाओं के अभाव पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार को अपने आगामी हलफनामे में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा नियुक्त न्यायमित्र ने बताया कि हीरानगर (शिमला) में दिव्यांगजनों के लिए बनाए जा रहे एम.आर. होम, हॉस्टल और स्कूल भवन में कई गंभीर संरचनात्मक खामियां हैं। भवन में दिव्यांगजनों की आवाजाही के लिए आवश्यक रैंप और हैंडरेल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं बनाई गई हैं। इन सुविधाओं के न होने से यह इमारत दिव्यांग व्यक्तियों के उपयोग के लायक नहीं रह गई है। न्यायमित्र ने तर्क दिया कि यदि इमारत ही दिव्यांगों के लिए सुगम नहीं होगी, तो इसके निर्माण का पूरा उद्देश्य ही निष्फल हो जाता है। खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अपने अगले हलफनामे में हीरानगर (शिमला) स्थित इस हॉस्टल और स्कूल भवन में पाई गई कमियों और उन्हें दुरुस्त करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का पूरा विवरण पेश करे। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।

ज्वालामुखी मंदिर के मृतक कर्मचारी के मुस्लिम बेटे को अन्य सरकारी विभाग में मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला कांगड़ा के ज्वालाजी स्थित ज्वालामुखी मंदिर ट्रस्ट के मृतक लंगर सेवादार के बेटे सुल्तान मोहम्मद की याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि मंदिर परिसरों में केवल हिंदू धर्मावलंबियों की नियुक्ति के सरकारी नियमों को ध्यान में रखते हुए,याचिकाकर्ता का नाम वरिष्ठता सूची में शामिल कर उन्हें जिला कांगड़ा के किसी अन्य सरकारी विभाग या एजेंसी में अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्रदान की जाए। वरिष्ठता के अनुसार जब भी याचिकाकर्ता की बारी आएगी, उन्हें जिला कांगड़ा के ही किसी अन्य सरकारी विभाग या एजेंसी में (चाहे दैनिक वेतन भोगी के रूप में हो या अन्य व्यवस्था में) अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी प्रदान की है कि यदि भविष्य में इस संबंध में कोई नई कानूनी परिस्थिति या कारण उत्पन्न होता है, तो वे पुन: अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। याचिकाकर्ता सुल्तान मोहम्मद के पिता ज्वालामुखी मंदिर ट्रस्ट में बतौर लंगर सेवादार कार्यरत थे, जिनका 14 जुलाई 2022 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के पश्चात याचिकाकर्ता ने अनुकंपा के आधार पर रोजगार के लिए आवेदन किया। हालांकि, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की 28 सितंबर 2021 की अधिसूचना के तहत मंदिर प्रशासन में केवल हिंदू धर्म मानने वाले व्यक्तियों की ही नियुक्ति का प्रावधान होने के कारण उनका आवेदन खारिज कर दिया गया था।सुल्तान मोहम्मद ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि नियम के अनुसार याचिकाकर्ता की नियुक्ति मंदिर परिसर में नहीं की जा सकती, इसलिए उनके मामले को अन्य आवेदकों से अलग रखकर देखा जाए। मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता का नाम अनुकंपा नियुक्ति के लिए तैयार की गई उम्मीदवारों की सूची में क्रमांक 8 पर शामिल कर लिया गया है।

 

Share :
TagsDrawing Teacher Recruitmenthimachal pradeshhindi newsknow High Court majNew affidavit sought on vision impaired Class IV recruitmentshimla news
Previous Article

Himachal: आपदा पीड़ितों के रिकवरी नोटिस पर ...

Next Article

हिमाचल: स्कूलों में प्रार्थना सभा में ...

hinditvnews

hinditvnews

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

Related articles More from author

  • Igmc shimla
    manalinahanऊनाकांगड़ाकिन्नौरकुल्लूचंबाधर्मशालाबिलासपुरमंडीलाहौल & स्पीतिशिमलासिरमौरसोलनहमीरपुरहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल: अल्ट्रासाउंड-ईसीजी शुल्क मेडिकल कॉलेज खुद तय करेंगे, सरकार ने दी अनुमति

    April 7, 2025
    By hinditvnews
  • Jagjeet
    पंजाब

    डल्लेवाल के अनशन पर पंजाब सरकार को फटकार

    December 28, 2024
    By hinditvnews
  • Vande Bharat
    उत्तराखण्ड

    Vande Bharat: देहरादून-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू, इन सात स्टेशनों पर होगा ठहराव; आठ घंटे 20 मिनट में तय करेगी ...

    March 12, 2024
    By hinditvnews
  • CM SUKHU HIMACHAL
    Chandigarh Newsशिमलाहिमाचल प्रदेश

    ADR रिपोर्ट: उत्तर भारत के सबसे अमीर CM सुक्खू, जानें कौन दूसरे नंबर पर

    July 28, 2026
    By hinditvnews
  • Crime
    उत्तर प्रदेश

    मेरठ: फौजी की पत्नी से सोने की चेन लूटी, पुलिस खाली हाथ

    September 20, 2025
    By hinditvnews
  • Dead Body
    शिमलाहरियाणाहिमाचल प्रदेश

    छात्र आत्महत्या मामला: बेटे को फंदे पर देख बिलखी मां, डॉक्टर ने दी सलाह

    June 24, 2026
    By hinditvnews

You may interested

  • 4 9
    election 2024Himachal Election 2024India Newsशिमलाहिमाचल प्रदेश

    शातिरों ने तीन बार बेची जेपी नड्डा की गाड़ी

  • Vijay
    शिमलाहिमाचल प्रदेश

    Himachal: सोशल मीडिया से कमाई: पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड

  • himachal high court
    ऊनाशिमलाहिमाचल प्रदेश

    हिमाचल हाईकोर्ट: सीबीएसई स्कूलों में टीचर टेस्ट पर बहस पूरी, फैसला सुरक्षित

Timeline

  • August 5, 2026

    चंडीगढ़: पानी परियोजना पर मेयर के खिलाफ भाजपा पार्षद

  • August 5, 2026

    Haryana: भ्रष्ट अफसरों पर सख्ती, उसी जिले में नहीं होगी तैनाती

  • August 5, 2026

    Uttarakhand: भाजपा कोर कमेटी की बैठक आज, धामी होंगे शामिल

  • August 5, 2026

    Himachal: शिमला रूट पर 10 अगस्त तक छह ट्रेनें रद्द

  • August 5, 2026

    हिमाचल: स्कूलों में प्रार्थना सभा में 15 मिनट पीटी अनिवार्य

Visit Us

logo

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

  • Recent

  • Popular

  • Joshi

    चंडीगढ़: पानी परियोजना पर मेयर के खिलाफ भाजपा पार्षद

    By hinditvnews
    August 5, 2026
  • Nayab

    Haryana: भ्रष्ट अफसरों पर सख्ती, उसी जिले में नहीं होगी तैनाती

    By hinditvnews
    August 5, 2026
  • Dhami

    Uttarakhand: भाजपा कोर कमेटी की बैठक आज, धामी होंगे शामिल

    By hinditvnews
    August 5, 2026
  • Himachal News

    Himachal Budget Session: प्रश्नकाल से पहले विपक्ष के प्वाइंट ऑफ ऑर्डर से गर्माएगा सदन, इन ...

    By hinditvnews
    February 26, 2024
  • Dhami

    CM Dhami: इस बात पर भड़के उत्तराखंड के सीएम, अधिकारियों को लगाई फटकार

    By hinditvnews
    February 27, 2024
  • Chd

    Chandigarh News: फिर अदालत की दहलीज पर पहुंचा चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन

    By hinditvnews
    February 27, 2024

About us

  • 8679999913
  • thehinditvnews@gmail.com
  • Kalka Shimla Highway- VPO Panog, SHOGHI SHIMLA

Follow us

 ब्रेकिंग न्यूज पाने के लिए Hindi tv News से जुड़ें
  • ऊना
  • शिमला
  • सोलन
  • Netflix
  • OTT
© Copyright HINDITVNEWS. All rights reserved.