Kangra Teacher Compulsory Retirement: शराबी शिक्षक पर गिरी गाज, अनिवार्य सेवानिवृत्ति

Kangra Teacher Compulsory Retirement: शराब पीकर स्कूल आने और छात्रों से मारपीट के दोषी शिक्षक पर बड़ी कार्रवाई
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 06 Aug 2026
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने कांगड़ा में तैनात एक टीजीटी शिक्षक को विभागीय जांच में शराब के नशे में स्कूल आने, छात्रों से मारपीट, अभद्र व्यवहार और बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के आरोप सिद्ध होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। विभाग ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए 31 जुलाई 2026 से आदेश लागू कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षक के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) देने के आदेश जारी किए हैं। विभागीय जांच में शिक्षक पर स्कूल में शराब के नशे में आने, सरकारी दायित्वों की अनदेखी करने, बिना अनुमति अनुपस्थित रहने तथा छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने के आरोप सिद्ध पाए गए। इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत यह कार्रवाई की है।
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा कि एक सरकारी शिक्षक से अनुशासन, ईमानदारी और विद्यार्थियों के लिए आदर्श आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और नशे की हालत में विद्यालय पहुंचना गंभीर कदाचार है। विभाग ने सभी तथ्यों, सेवा अवधि और स्वास्थ्य संबंधी दलीलों पर विचार करने के बाद बर्खास्तगी या सेवा से हटाने के बजाय 31 जुलाई 2026 से अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दंड लागू करने का निर्णय लिया। साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक के पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रचलित नियमों के अनुसार दिए जाएंगे।















