हरियाणा: पुरानी पेंशन पर हाईकोर्ट का फैसला, तीन वर्गों के कर्मचारियों को राहत

पुरानी पेंशन पर हाईकोर्ट का फैसला: हरियाणा में तीन वर्गों के कर्मचारियों को राहत, एक श्रेणी की मांग खारिज
हिंदी टीवी न्यूज,चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Wed, 02 Sep 2026
कोर्ट ने एक श्रेणी के कर्मचारियों की मांग खारिज कर दी, जबकि तीन अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को राहत देते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
पुरानी पेंशन योजना से जुड़े हरियाणा के कर्मचारियों की 46 याचिकाओं का निपटारा करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विवाद को चार श्रेणियों में बांटा। कोर्ट ने एक श्रेणी के कर्मचारियों की मांग खारिज कर दी, जबकि तीन अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को राहत देते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
चौथी श्रेणी में अनुकंपा या एक्स-ग्रेशिया आधार पर नियुक्त कर्मचारी थे, जिनके मामले में कर्मचारी की मृत्यु या अनुकंपा नियुक्ति का दावा 28 अक्तूबर 2005 से पहले शुरू हो चुका था, लेकिन औपचारिक नियुक्ति बाद में हुई। पहली श्रेणी की मांग खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार अपनी कर्मचारियों से संबंधित नीति बनाते समय केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई कटऑफ डेट को अपनाने के लिए बाध्य नहीं है।
दूसरी श्रेणी के कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य एक मॉडल नियोक्ता है। लंबे समय तक किसी कर्मचारी से पार्ट टाइम या कांट्रैक्ट आधार पर काम लेने के बाद उसकी सेवा को पूरी तरह नजरअंदाज कर पेंशन जैसे लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। यदि कर्मचारी ने लंबे समय तक लगातार सेवा दी है तो उस सेवा को महज पार्ट टाइम काम बताकर पेंशन के लिए बाहर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण से पहले पार्ट टाइम, कांट्रैक्ट या अस्थायी आधार पर की गई लगातार सेवा को पेंशन के लिए क्वालिफाइंग सर्विस में शामिल किया जाएगा।















