हिमाचल: 108-102 एंबुलेंस कर्मियों को राहत, 15 हजार इन-हैंड वेतन का आदेश

हिमाचल प्रदेश: 108-102 एंबुलेंस कर्मियों को बड़ी राहत, कंपनी को 15 हजार रुपये इन-हैंड वेतन देने का आदेश
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sun, 13 Sep 2026
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के पायलटों और ईएमटी के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 15 हजार रुपये की टेक होम सैलरी में पीएफ और ईएसआई जैसी वैधानिक कटौतियां शामिल नहीं की जा सकतीं। जीवीके कंपनी को 20 जनवरी 2020 से 30 जनवरी 2021 तक का बकाया वेतन दो महीने में चुकाने का आदेश दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 नेशनल एंबुलेंस सर्विस के चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियनों (ईएमटी) के लिए राहत की खबर है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि टेक होम सैलरी का अर्थ कर्मचारी के खाते में आने वाली वास्तविक नकद राशि है। इसमें भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी वैधानिक कटौतियों को शामिल नहीं किया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने पूर्ण चंद की ओर से दायर निष्पादन याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया।
मामला उस समय का है, जब हाईकोर्ट ने 8 जनवरी 2020 को आदेश जारी कर जीवीके कंपनी को विवाद का समाधान होने तक प्रत्येक पायलट और ईएमटी का टेक होम वेतन बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति माह करने का निर्देश दिया था। आदेश 20 जनवरी 2020 से प्रभावी होना था।
लंबे संघर्ष के बाद मिली राहत
कर्मचारियों की ओर से दायर निष्पादन याचिका में अदालत से अपने पूर्व आदेश का पालन करवाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की दलील स्वीकार करते हुए कंपनी की व्याख्या को गलत ठहराया। फैसले से प्रदेश के सैकड़ों एंबुलेंस चालकों और तकनीकी स्टाफ को राहत मिली है। ये कर्मचारी लंबे समय से अपने पूर्ण मानदेय के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब कंपनी को अदालत के आदेश के अनुसार बकाया वेतन का भुगतान करना होगा।















