हिमाचल: बंद दवा कंपनियों में सिंथेटिक नशे की आशंका, NCB ने किया अलर्ट

हिमाचल: बंद दवा कंपनियों में सिंथेटिक नशा बनाने का अंदेशा, एनसीबी ने किया अलर्ट; जानें पूरा मामला
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 19 Oct 2026
हिमाचल प्रदेश में बंद औद्योगिक इकाइयों और फार्मा परिसरों में अवैध सिंथेटिक नशा तैयार किए जाने की आशंका को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पुलिस को सतर्क किया है। संदिग्ध परिसरों के सत्यापन और औचक निरीक्षण पर जोर दिया गया है। बीबीएन क्षेत्र में नशीली दवाओं से जुड़े मामलों के बाद एजेंसियों की निगरानी कच्चे माल, स्टॉक रजिस्टर और संदिग्ध लेनदेन पर भी केंद्रित है।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों सहित अन्य स्थानों पर बंद पड़ी फैक्ट्रियों और दवा कंपनियों की आड़ में खतरनाक सिंथेटिक नशा तैयार किए जाने की आशंका है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने हिमाचल पुलिस को संदिग्ध औद्योगिक परिसरों, गोदामों और फार्मा इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सिंथेटिक रासायनिक नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और तस्करी में जुटे संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए देशभर में अभियान तेज किया जा रहा है। एनसीबी से मिले इनपुट के अनुसार हिमाचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में बंद औद्योगिक इकाइयों, दवा कंपनियों और दूरदराज के कृषि फार्मों में गुप्त रूप से सिंथेटिक नशा तैयार किए जाने की आशंका है। जांच एजेंसियों को विशेष रूप से सिंथेटिक नशीले पदार्थों को लेकर सतर्क किया गया है। ये कृत्रिम रसायनों से तैयार किए जाने वाले ड्रग्स हैं, जो मानव शरीर और मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार अवैध कारोबार में शामिल गिरोह वैध दवा निर्माण की आड़ लेकर अपनी गतिविधियां छिपाने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को किराये पर लेकर वहां गुप्त लैब स्थापित करने की आशंका है। दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के नाम पर रसायनों की खेप मंगाकर उनका अवैध इस्तेमाल किया जा सकता है। दूरदराज के कृषि फार्म भी ऐसे गिरोहों के लिए छिपने का ठिकाना बन सकते हैं, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर आसानी से नजर नहीं पड़ती।















