Bilaspur: एम्स बिलासपुर में नकली आंखों पर सर्जरी अभ्यास करेंगे डॉक्टर

तकनीक: एम्स बिलासपुर में नकली आंखों पर सर्जरी का अभ्यास करेंगे डॉक्टर
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, बिलासपुर। Published by: Megha Jain Updated Sun, 15 Feb 2026
एम्स बिलासपुर में एक आधुनिक वेट-लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस लैब में डॉक्टर ऑपरेशन करने से पहले रेटी-आई जैसी कृत्रिम आंखों पर अभ्यास करेंगे।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के नेत्र विज्ञान विभाग में उपचार की तकनीक और हाईटेक होने जा रही है। एम्स प्रशासन ने अस्पताल में एक आधुनिक वेट-लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस लैब की खासियत यह होगी कि यहां डॉक्टर असली मरीज की आंख का ऑपरेशन करने से पहले रेटी-आई जैसी कृत्रिम आंखों पर घंटों पसीना बहाएंगे।
इस नई व्यवस्था से न केवल डॉक्टरों के हाथ सधेंगे, बल्कि मरीजों की आंखों की रोशनी और भी सुरक्षित होगी। एम्स ने इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी अत्याधुनिक उपकरणों और किट्स की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह लैब नेत्र विशेषज्ञों और रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए एक ट्रेनिंग ग्राउंड की तरह काम करेगी। यहां वे मोतियाबिंद और पर्दे की जटिल सर्जरी का अभ्यास असली जैसे दिखने वाले आई-मॉडल्स पर कर सकेंगे। आंखों का पर्दा (रेटिना) शरीर का बेहद नाजुक हिस्सा होता है। रेटी-आई मॉडल में लगी माइक्रो-फिल्म्स पर लेजर प्रैक्टिस करने से डॉक्टरों की सटीकता 100 फीसदी तक बढ़ जाएगी। इससे असली सर्जरी के दौरान गलती की गुंजाइश जीरो रहेगी।















