HP हाईकोर्ट: कांस्टेबल पदोन्नति पर कमेटी समीक्षा, सरकार की अपील खारिज

HP High Court: पुलिस कांस्टेबलों की पदोन्नति पर उच्च स्तरीय कमेटी करेगी समीक्षा, सरकार की अपील खारिज
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Fri, 24 Apr 2026
पुलिस कांस्टेबलों की पदोन्नति के मुद्दों पर एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने टिप्पणी की कि वर्तमान में कांस्टेबलों के लिए पदोन्नति के अवसर बेहद सीमित हैं। विशेष रूप से जनरल ड्यूटी देने वाले कांस्टेबलों के पास अन्य उप-कैडर की तुलना में पदोन्नति के रास्ते कम हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबलों की पदोन्नति के मुद्दों पर एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पुलिस कर्मियों की सेवा स्थितियों में सुधार और समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित करना आवश्यक है। खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें गृह सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का निर्देश दिया गया है। खंडपीठ ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वह 8 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपे।
इस कमेटी में 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे, जिनमें से 9 पुलिस विभाग के विशेषज्ञ होंगे। यह कमेटी कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी। अदालत ने टिप्पणी की कि वर्तमान में कांस्टेबलों के लिए पदोन्नति के अवसर बेहद सीमित हैं। विशेष रूप से जनरल ड्यूटी देने वाले कांस्टेबलों के पास अन्य उप-कैडर की तुलना में पदोन्नति के रास्ते कम हैं। न्यायालय ने इस तथ्य पर गौर किया कि 20 साल की सेवा के बाद कांस्टेबलों को मानद हेड कांस्टेबल का पद तो दे दिया जाता है, लेकिन उन्हें काम कांस्टेबल का ही करना पड़ता है।















