UP: बाल विवाह पर हाईकोर्ट सख्त, पर्सनल लॉ बोर्ड कानून से ऊपर नहीं

UP : बाल विवाह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- पर्सनल लॉ बोर्ड कानून से ऊपर नहीं
हिंदी टीवी न्यूज, प्रयागराज। Published by: Megha Jain Updated Wed, 08 Jul 2026
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाल विवाह को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 (पीसीएमए) और पॉक्सो एक्ट, 2012 के प्रावधान देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाल विवाह को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 (पीसीएमए) और पॉक्सो एक्ट, 2012 के प्रावधान देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी पर्सनल लॉ, यहां तक कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरिया) के आधार पर भी बाल विवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने यह टिप्पणी बुलंदशहर में दर्ज एक एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली 19 लोगों की याचिका खारिज करते हुए की।















