Uttarakhand: दोस्ती बनी दुश्मनी: हरदीप की हत्या, पत्नी ने मिटाए सबूत

दोस्ती से दुश्मनी तक: दोस्त ने बहाया हरदीप का खून…पत्नी ने मिटाए सबूत, पिस्टल से ही की हत्या
हिंदी टीवी न्यूज, ऊधम सिंह नगर। Published by: Megha Jain Updated Wed, 16 Sep 2026
30 लाख रुपये के लेनदेन ने बचपन की दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया। पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख हरदीप सिंह हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने मंगलवार को दावा किया कि उसके दोस्त संदीप सिंह उर्फ सोना ने वारदात को अंजाम दिया।
30 लाख रुपये के लेनदेन ने बचपन की दोस्ती और बरसों के भरोसे को खून के रिश्ते में बदल दिया। पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख हरदीप सिंह हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने मंगलवार को दावा किया कि उसके दोस्त संदीप सिंह उर्फ सोना ने वारदात को अंजाम दिया। उसकी पत्नी संदीप कौर ने खून के निशान धोकर सबूत मिटा दिए।
परिजनों का कहना है कि हरदीप ने संदीप का लंबे समय तक साथ दिया था। आर्थिक मदद के साथ उसने उसके लिए जेसीबी मशीन तक खरीदी थी। लेकिन रुपयों का हिसाब चुकाने की बारी आई तो दोस्ती ही उसके लिए दुश्मनी बन गई। पुलिस के अनुसार बीते शुक्रवार की रात संदीप ने पहले हरदीप के साथ ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद रुपये देने की बात कहकर उसे अपने फार्म हाउस ले गया।
फार्म हाउस में दोनों ने शराब पी। इसी दौरान रुपयों को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि संदीप ने हरदीप को धक्का देकर गिराया और उसकी ही लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। हरदीप को दो गोलियां लगीं। गंभीर हालत में संदीप ही उसे अपनी कार से अस्पताल लेकर पहुंचा और परिजनों को भी सूचना दी। उपचार के दौरान हरदीप की मौत हो गई।
नशे में हुआ विवाद, पिस्टल बनी हत्या का हथियार
एसएसपी अजय गणपति ने मंगलवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों दोस्तों ने शराब पी रखी थी। इसी दौरान 30 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ गया। धक्का-मुक्की के बाद संदीप ने हरदीप की लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। दो गोलियां लगने से हरदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर संदीप कौर कमरे से बाहर आई। पति का गुनाह छिपाने के लिए उसने आंगन में फैला खून साफ किया और खून से सने कपड़े भी धो दिए। वहीं संदीप घायल हरदीप को अस्पताल ले गया ताकि किसी को उस पर शक न हो।
अस्पताल पहुंचकर खुद बेड तक गया था हरदीप
वारदात के बाद संदीप घायल हरदीप को कार से अस्पताल लेकर पहुंचा। पुलिस के अनुसार, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में हरदीप को कार से उतरकर गेट से बेड तक खुद जाते हुए देखा गया है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह आखिरी समय तक जिंदगी के लिए जूझता रहा। संदीप ने ही हरदीप के परिजनों को घटना की सूचना दी थी।
आरोपी की मां की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस के मुताबिक वारदात के समय संदीप की मां भी फार्म हाउस में मौजूद थीं। पुलिस को आशंका है कि उन्हें घटना की जानकारी थी और उन्होंने लोगों को गुमराह किया। बताया जा रहा है कि वह छत से अपने बेटे को गोली चलाते हुए देख रही थीं। पुलिस अब हत्याकांड में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।















