शिमला: 14 साल का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया, ब्याज सहित होगी वसूली

हिमाचल प्रदेश: शिमला में भवन बनाए पर नहीं भरा टैक्स, एकसाथ देना होगा 14 साल का बिल; ब्याज सहित होगी वसूली
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 21 Oct 2026
शिमला में नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के रिकॉर्ड से बाहर रहे सैकड़ों भवन मालिकों को 14 साल तक के टैक्स बिल जारी किए हैं। बिलों में वर्ष 2013 से 2026 तक का कर शामिल है और वसूली ब्याज सहित की जाएगी।
राजधानी में भवन बनाने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाने वाले सैकड़ों भवन मालिकों को नगर निगम ने एक साथ 14 साल के बिल थमा दिए हैं। यह बिल वर्ष 2013 से 2026 तक के हैं। पहली बार एक साथ भारी-भरकम टैक्स बिल मिलने से भवन मालिक हैरान हैं।
ज्यादातर भवन मालिकों को 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक के टैक्स बिल जारी किए गए हैं। बिल मिलते ही कई भवन मालिक नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। उनका कहना है कि निगम ने उन्हें गलत बिल जारी किए हैं। भवन मालिकों का तर्क है कि उन्होंने भले ही आज तक टैक्स जमा नहीं करवाया है, लेकिन उनके अनुसार टैक्स की राशि कम बनती है। नगर निगम ने इनसे लिखित आपत्तियां मांगी हैं। अब तक 40 से ज्यादा भवन मालिक निगम की ओर से जारी बिलों के खिलाफ लिखित आपत्तियां दर्ज करवा चुके हैं।
नगर निगम ने इन आपत्तियों की सुनवाई अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अगुवाई वाली टैक्स कमेटी के माध्यम से करने का फैसला लिया है। इस कमेटी में अतिरिक्त आयुक्त के अलावा नगर निगम के दो निर्वाचित पार्षद शामिल हैं। कमेटी आपत्तियों की सुनवाई के लिए भवन मालिकों को बुलाने जा रही है। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि भवन मालिकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। पुख्ता रिकॉर्ड पेश करने और उसके सत्यापन के बाद ही संशोधित बिल जारी किए जाएंगे।
- 32 हजार भवन वर्ष 2025 तक नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज थे।
- 4 हजार नए भवन सर्वे में मिले जिससे कुल भवनों की संख्या करीब 36 हजार हो गई।
- 20 हजार भवन मालिकों को चालू वित्त वर्ष के बिल जारी किए जा चुके हैं।
- 16 हजार भवन मालिकों को 15 नवंबर तक बिल जारी करने का लक्ष्य है।
- 30 करोड़ रुपये की कमाई नगर निगम को इस साल प्रॉपर्टी टैक्स से होने का अनुमान है।















