हिमाचल: महंगे कपड़ों और मेकअप की जिद बनी तलाक का आधार, कोर्ट का फैसला

हिमाचल: पत्नी की महंगे कपड़े और मेकअप की जिद, मारपीट-प्रताड़ना बनी तलाक का आधार, अदालत ने दिया ये आदेश
हिंदी टीवी न्यूज, धर्मशाला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 31 Oct 2026
पति की आर्थिक क्षमता के अनुसार सामान उपलब्ध करवाने की बात कहने के बावजूद पत्नी तत्काल महंगी चीजें देने का दबाव बनाती थी। इस व्यवहार, मारपीट, गाली-गलौज और लगातार मानसिक प्रताड़ना को अदालत ने क्रूरता माना है।
महंगे और फैशनेबल कपड़े, मेकअप का सामान व अन्य चीजें देने की मांग को लेकर पति से झगड़ा करना पत्नी को भारी पड़ गया। पति की आर्थिक क्षमता के अनुसार सामान उपलब्ध करवाने की बात कहने के बावजूद पत्नी तत्काल महंगी चीजें देने का दबाव बनाती थी। इस व्यवहार, मारपीट, गाली-गलौज और लगातार मानसिक प्रताड़ना को अदालत ने क्रूरता माना है। वहीं, पत्नी के वर्ष 2020 में ससुराल छोड़कर जाने और वापस नहीं लौटने को भी तलाक का आधार माना गया। फैमिली कोर्ट देहरा में एडिशनल प्रिंसिपल जज सपना पांडे की अदालत ने पति की याचिका स्वीकार करते हुए क्रूरता और परित्याग के आधार पर विवाह विच्छेद की डिक्री जारी की है।
मामले में एकतरफा कार्यवाही चली
मामले में पत्नी अदालत में पेश नहीं हुई थी और उसके खिलाफ एकतरफा कार्यवाई चली। मामले के अनुसार खुंडियां निवासी व्यक्ति का विवाह 2019 में चंबा निवासी के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से हुआ था। दंपती की एक बेटी भी है, जो मां के साथ रह रही है। पति ने याचिका में आरोप लगाया कि शादी के करीब दो महीने बाद ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह महंगे और फैशनेबल कपड़े, मेकअप का सामान और अन्य वस्तुओं की मांग करती थी। आर्थिक स्थिति का हवाला देकर अपनी क्षमता के अनुसार सामान देने की बात कहने पर भी वह तत्काल चीजें उपलब्ध करवाने का दबाव बनाती और विवाद करती थी।
पति ने अदालत को ये बताया
पति ने अदालत को बताया कि पत्नी उसके और बुजुर्ग माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करती थी। 28 अगस्त, 2020 को वह उसकी गैरमौजूदगी में बिना किसी को बताए मायके चली गई। इसके बाद पति ने कई बार उसे वापस लाने का प्रयास किया, लेकिन वह लौटने के बजाय तलाक देने का दबाव बनाती रही। याचिकाकर्ता ने खुद अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज करवाया। उसकी मां ने भी हलफनामा देकर उसके आरोपों का समर्थन किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों को आधार मानते हुए कहा कि पत्नी के व्यवहार, अपमानजनक भाषा, मारपीट और लगातार झगड़ों से पति को मानसिक प्रताड़ना पहुंची। वहीं, बिना उचित कारण वैवाहिक घर छोड़कर लंबे समय तक अलग रहना परित्याग की श्रेणी में माना गया।















