कुल्लू दशहरा: सुरक्षा में तैनात होंगे 1265 पुलिस और होमगार्ड जवान

हिमाचल: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में सुरक्षा का कड़ा पहरा, 1265 पुलिस और होमगार्ड जवान संभालेंगे मोर्चा
हिंदी टीवी, कुल्लू। Published by: Megha Jain Updated Tue, 20 Oct 2026
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस और होमगार्ड के कुल 1265 जवान तैनात किए गए हैं। एसपी कुल्लू अभिषेक सेंगर के अनुसार, मेले की निगरानी 155 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को छह सेक्टरों में बांटा गया है, जिसकी निगरानी डीएसपी रैंक के आठ अधिकारी करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस और होमगार्ड के कुल 1265 जवान तैनात किए गए हैं। मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे आयोजन क्षेत्र को छह सेक्टरों में बांटा गया है। इसके अलावा 155 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से मेले की निगरानी की जाएगी।
1265 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात
एसपी कुल्लू अभिषेक सेंगर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए 1125 पुलिस कर्मियों और 140 होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। इनकी ड्यूटी अलग-अलग सेक्टरों में लगाई गई है, ताकि मेले में पहुंचने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि पूरे सुरक्षा अभियान की निगरानी डीएसपी रैंक के आठ अधिकारी करेंगे। पुलिस प्रशासन ने मेले के विभिन्न क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था का विभाजन किया है।
155 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी
मेले में भीड़ पर नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाने के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां से 155 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र पर ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी।
छह सेक्टरों में बांटी सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए सुरक्षा व्यवस्था को छह सेक्टरों में विभाजित किया है।
पहला सेक्टर: सुल्तानपुर से रथ मैदान तक।
दूसरा सेक्टर: प्रदर्शनी मैदान और देवता मैदान।
तीसरा सेक्टर: खेल मैदान और मुख्य मेला क्षेत्र।
चौथा सेक्टर: कला केंद्र।
पांचवां सेक्टर: यातायात प्रबंधन।
छठा सेक्टर: सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी)।
यातायात और आपात स्थिति पर भी रहेगी नजर
मेले में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए अलग सेक्टर बनाया गया है। वहीं, त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य उत्सव के दौरान भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना है।














