मोहाली: 16 गांवों में निर्माण-खरीद पर हाईकोर्ट की रोक

Mohali: 16 गांवों में निर्माण व जमीन की खरीद फरोख्त पर हाईकोर्ट की रोक, पंजाब सरकार को फटकार
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Fri, 24 Jul 2026
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में वन भूमि की पहचान और सीमांकन के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन इतने वर्षों बाद भी राज्य सरकार इनका पालन नहीं कर सकी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के आसपास शिवालिक की तलहटी में स्थित पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने मोहाली जिले के 16 गांवों में सभी प्रकार के निर्माण और विकास कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है।
अदालत ने कहा कि केवल पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के तहत किसी क्षेत्र का अधिसूचित होना अपने आप में उसे वन भूमि नहीं बना देता। वास्तविक स्थिति का निर्धारण पुराने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है। खंडपीठ ने पंजाब के मुख्य सचिव को वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित करने का आदेश दिया है।
टीम का नेतृत्व मुख्य वन संरक्षक करेंगे और इसमें कम से कम प्रधान सचिव स्तर का अधिकारी भी शामिल होगा। टीम वर्ष 1980 में वन (संरक्षण) अधिनियम लागू होने के समय उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर वन भूमि की वास्तविक सीमा तय करेगी। मुख्य सचिव को एक सप्ताह के भीतर संबंधित 16 गांवों के सभी राजस्व रिकॉर्ड की प्रतियां हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास सुरक्षित जमा कराने को कहा गया है। अदालत ने क्षेत्र में तेजी से हो रहे व्यावसायीकरण पर भी गंभीर चिंता जताई।















