हिमाचल: दैनिक वेतनभोगी सेवा पर ग्रेच्युटी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

हिमाचल: ग्रेच्युटी में दैनिक वेतनभोगी सेवा जोड़ने के आदेश पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक, जानें पूरा मामला
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Fri, 10 Jul 2026

हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Fri, 10 Jul 2026
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी के रूप में दी गई सेवा को ग्रेच्युटी की गणना में शामिल करने संबंधी एकल न्यायाधीश के फैसले के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने सरकार के आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में पहले से जमा ग्रेच्युटी राशि अगले आदेश तक संबंधित कर्मचारियों को वितरित न की जाए।
सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में विवाद यह है कि क्या नियमितीकरण से पहले दैनिक वेतनभोगी के रूप में की गई सेवा अवधि को पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत ग्रेच्युटी की गणना में शामिल किया जाए या नहीं, जबकि नियमित सेवा अवधि की गणना सीसीएस पेंशन नियम 1972 के अनुसार की जाती है। हाईकोर्ट की एक समन्वय पीठ पहले ही मामले को बड़ी पीठ (लार्जर बेंच) के समक्ष भेज चुकी है।
खंडपीठ ने कहा कि चूंकि यह मामला बड़ी पीठ के विचाराधीन है, इसलिए अंतिम निर्णय आने तक यथास्थिति बनाए रखना उचित होगा। अदालत ने इस मामले से संबंधित पांच अन्य अपीलों को भी एक साथ सुनवाई के लिए टैग करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
24 फरवरी को हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने वन विभाग के सेवानिवृत्त चौकीदारों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा था कि नियमितीकरण से पूर्व दैनिक वेतनभोगी के रूप में दी गई सेवा अवधि को ग्रेच्युटी की गणना से बाहर नहीं रखा जा सकता। लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को तकनीकी आधार पर उनके वैधानिक लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
यह विवाद वन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ा है। बीनू राम सहित अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति वर्ष 1998 में दैनिक वेतनभोगी चौकीदार के रूप में हुई थी और अगस्त 2006 में उनकी सेवाएं नियमित की गईं। 31 अक्तूबर 2017 को सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं होने पर उन्होंने लेबर ऑफिसर का रुख किया। लेबर ऑफिसर ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला देते हुए 2.47 लाख रुपये की ग्रेच्युटी और उस पर ब्याज का भुगतान करने के आदेश दिए थे।
Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।

Hindi TV News Channel के साथ देखिये हिमाचल की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news on the Himachal's Most subscribed Web News Channel on YouTube. Hindi TV News, हिमाचल का सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब न्यूज चैनल है। Hindi TV News हिमाचल राजनीति, मनोरंजन, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है।