हिमाचल: भ्रष्टाचार आरोपित अफसर को अतिरिक्त सीएस प्रभार पर जवाब तलब

Himachal: भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अफसर को सीएस का अतिरिक्त प्रभार देने पर जवाब तलब
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 21 May 2026
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव पद पर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव पद पर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और मुख्य सचिव संजय गुप्ता को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी पक्षों से इस नियुक्ति पर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार ने 1 अक्तूबर 2025 को संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा, जबकि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पहले से तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य के सबसे संवेदनशील प्रशासनिक पद पर ऐसे अधिकारी की नियुक्ति संस्थागत ईमानदारी और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने 9 अक्तूबर 2024 को जारी संशोधित दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। इन नियमों के क्लॉज-7 में स्पष्ट किया गया है कि अखिल भारतीय और केंद्रीय सिविल सेवा के अधिकारियों को किसी भी संवेदनशील पद पर नियुक्त करने से पहले उनकी विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच अनिवार्य होगी। याचिका में कहा गया कि मुख्य सचिव का पद राज्य प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरा पद माना जाता है, इसलिए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। अगली सुनवाई को राज्य सरकार को इस नियुक्ति पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।














