हिमाचल: सेंचुरी प्रवेश शुल्क बढ़ा, भारतीयों के लिए 300 और विदेशियों के लिए 600 रुपये

Himachal News: हिमाचल में सेंचुरी प्रवेश शुल्क बढ़ा, भारतीयों के लिए 300; विदेशियों के लिए 600 रुपये फीस
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 11 Jun 2026
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण नियमों में संशोधन करते हुए अभयारण्य (सेंचुरी) क्षेत्रों के लिए नए प्रवेश और फोटोग्राफी शुल्क लागू कर दिए हैं। नए नियमों के तहत भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क 300 रुपये और विदेशी नागरिकों के लिए 600 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। यह संशोधित शुल्क राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही लागू हो गया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण हिमाचल प्रदेश नियम 1975 में संशोधन करते हुए सेंचुरी क्षेत्र के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए हैं। इन नए नियमों को वन्य जीव संरक्षण हिमाचल प्रदेश संशोधन नियम 2026 कहा जाएगा। यह नियम राजपत्र में प्रकाशन के बाद बुधवार को लागू हो गए। इसके अनुसार विभिन्न शुल्कों में वृद्धि की गई है।
इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन केके पंत ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के अनुसार भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश और फोटोग्राफी शुल्क पहले तीन दिन 300 रुपये प्रतिदिन रहेगा। इसके बाद अतिरिक्त दिन के लिए 500 रुपये लगेंगे। गैर भारतीय नागरिकों के लिए यह शुल्क पहले तीन दिन 600 रुपये और अतिरिक्त दिन 1000 रुपये होगा। पर्यटन और अभयारण्य में वैध कारोबार के लिए भी यही प्रवेश शुल्क लागू रहेगा।
पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्कूली छात्रों को आधी दर पर प्रवेश मिलेगा। हल्के वाहनों के लिए 1000 रुपये और भारी वाहनों के लिए 2000 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क है। मोबाइल कैमरों का उपयोग प्रवेश शुल्क में ही शामिल है, पेशेवर कैमरों के लिए अलग से शुल्क है। पेशेवर स्टिल कैमरे के लिए भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिन 625 रुपये और अतिरिक्त दिन 125 रुपये का शुल्क देना होगा।
गैर-भारतीय नागरिकों के लिए यह दर दोगुनी, यानी 1250 रुपये और 250 रुपये होगी। सिने कैमरे के लिए भारतीय नागरिकों से पहले तीन दिन 12,500 रुपये और अतिरिक्त दिन 18,500 रुपये लिए जाएंगे। ड्रोन कैमरे के उपयोग के लिए विशेष अनुमति मुख्य वन्यजीव वार्डन की ओर से दी जाएगी। निजी एजेंसियों या मीडिया हाउस के लिए ड्रोन का शुल्क पहले तीन दिन 50,000 रुपये और अतिरिक्त दिन 75,000 रुपये निर्धारित है।
शोध के लिए हर रोज 100 रुपये
वन्य जीवों के अध्ययन या वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए भारतीय नागरिकों को 100 रुपये प्रतिदिन का शुल्क देना होगा। गैर-भारतीय नागरिकों के लिए यह शुल्क 500 रुपये प्रतिदिन है। वार्षिक लाइसेंस शुल्क भारतीय छात्रों के लिए 500 रुपये से लेकर फार्मास्युटिकल उद्योगों के लिए 75,000 रुपये तक है। हिमाचल प्रदेश वन विभाग से उपकरण किराए पर लेने के लिए 200 रुपये से 1250 रुपये प्रतिदिन तक का शुल्क लगेगा। राज्य सरकार को समय-समय पर इन दरों को संशोधित करने का अधिकार होगा।















