हिमाचल: हिंदुस्तान-तिब्बत रोड की बदहाली पर PWD को फटकार, अधिकारी तलब

Himachal: हिंदुस्तान-तिब्बत बॉर्डर मार्ग की दुर्दशा पर पीडब्ल्यूडी को फटकार, अधिकारी तलब
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 23 May 2026
हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान-तिब्बत सीमा सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग) की खस्ताहाल स्थिति पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान-तिब्बत सीमा सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग) की खस्ताहाल स्थिति पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह इस विभाग का एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस बन चुका है कि वे बारिश शुरू होने से ठीक पहले काम शुरू करते हैं और बाद में सारी जिम्मेदारी खराब मौसम पर मढ़ देते हैं। पैचवर्क बारिश में टिकने वाला नहीं है। भले ही केंद्र से फंड मिल जाए, लेकिन मानसून के दौरान काम सस्पेंड रहेगा। बारिश से पहले और बरसात के खत्म होने के बाद सितंबर में ही दोबारा काम शुरू किया जाएगा।
हलफनामों में लापरवाह ठेकेदारों को किए गए कुल भुगतान और लगाए गए जुर्माने की स्पष्ट डिटेल नहीं है। जब तक नए टेंडर नहीं हो जाते, पीडब्ल्यूडी सड़क को चलने योग्य स्थिति में रखेगा। अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी, जिसमें संबंधित शीर्ष अधिकारियों को अदालत में पेश होना होगा। विभाग की ओर से हलफनामे में स्वीकार किया गया कि डली से नारकंडा के बीच यह हाईवे बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। यह सड़क शिमला की सेब बेल्ट और किन्नौर की जलविद्युत परियोजनाओं के लिए लाइफलाइन है। वर्ष 2021 से 2024 के बीच इस सड़क पर टारिंग हुई थी, जो 2023 और 2025 के मानसून में बह गई। गणपति ट्रेडर्स और डीसीसी बिल्डकॉन ने काम में भारी कोताही बरती, जिसके बाद उनके कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर जुर्माना लगाया गया है।














