हिमाचल: 120 प्राध्यापक कर सकेंगे पीएचडी, NEP के तहत नई व्यवस्था लागू

हिमाचल: एचपीयू से संबद्ध सौ सरकारी कॉलेजों के 120 प्राध्यापक करवा सकेंगे पीएचडी, NEP के तहत व्यवस्था लागू
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 25 Apr 2026
एचपीयू शिमला ने सौ सरकारी कॉलेजों के 120 प्राध्यापकों को पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है, जिसमें शोध और नवाचार को संस्थागत स्तर पर विस्तारित करने पर जोर रहेगा।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए सौ सरकारी कॉलेजों के 120 प्राध्यापकों को पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में मान्यता प्रदान की है। विश्वविद्यालय की जारी सूची के साथ ही यह व्यवस्था लागू हो गई है और चयनित प्राध्यापक अब शोधार्थियों का औपचारिक मार्गदर्शन कर रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय पर दबाव कम होगा। यह निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है, जिसमें शोध और नवाचार को संस्थागत स्तर पर विस्तारित करने पर जोर रहेगा। पहले पीएचडी सुपरविजन विश्वविद्यालय के विभागों तक सीमित था, लेकिन अब कॉलेजों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह जिम्मेदारी केवल उन्हीं प्राध्यापकों को दी गई है, जिन्होंने निर्धारित योग्यता, शोध प्रकाशन और अनुभव से जुड़े मानकों को पूरा किया है। स्क्रीनिंग और मूल्यांकन के बाद अंतिम सूची जारी की गई है। इस फैसले के बाद प्रदेश में पीएचडी मार्गदर्शन की उपलब्धता सीधे तौर पर बढ़ गई है। शोधार्थियों को अपने नजदीकी कॉलेजों में ही सुपरवाइजर मिल रहे हैं, जिससे विवि परिसरों पर निर्भरता घटी है। दाखिला लेने, मार्गदर्शन और संपर्क की प्रक्रिया सुगम हुई है। इससे शोधार्थियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है और विभिन्न विषयों में नए पंजीकरण हो रहे हैं। शिक्षकों के स्तर पर भी बदलाव सीधा प्रभाव डाल रहा है। सुपरविजन की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही प्राध्यापक शोध परियोजनाओं, प्रकाशनों और अकादमिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।














