HP हाईकोर्ट: मौजूदा पदोन्नति प्रणाली ‘बीमार’, सुधार जरूरी

HP High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की टिप्पणी- मौजूदा पदोन्नति प्रणाली बीमार, सुधार की सख्त जरूरत
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Wed, 31 Dec 2025
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस विभाग की अपनी रिपोर्ट्स ही यह बताती हैं कि मौजूदा पदोन्नति प्रणाली बीमार है और इसे सुधार की सख्त जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल की पदोन्नति के लिए मौजूदा बी-1 टेस्ट प्रणाली में खामियों और विसंगतियों को देखते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो हेड कांस्टेबल के पदों पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी। हाईकोर्ट ने उच्च स्तरीय समिति का गठन प्रधान सचिव (गृह) की अध्यक्षता में समिति गठित की है।
इस समिति में प्रधान सचिव कार्मिक, पुलिस महानिदेशक, विधि सचिव, एडीजीपी सीआईडी कानून-व्यवस्था, प्रशिक्षण और आईजी उत्तरी, मध्य और दक्षिणी रेंज इसके सदस्य होंगे। यह कमेटी कांस्टेबलों की पदोन्नति से जुड़े सभी पहलुओं और पिछले 10 वर्षों से लंबित मुद्दों की गहराई से जांच करेगी। विशेष रूप से बी-1 टेस्ट की आवश्यकता और इसके वर्तमान स्वरूप की प्रासंगिकता पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवॉल दुआ की अदालत ने समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट 6 मार्च 2026 तक न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पाया कि वर्तमान में 60 फीसदी पद बी-1 टेस्ट के माध्यम से भरे जाते हैं। 30 फीसदी पद वरिष्ठता के आधार पर भरे जाते हैं, लेकिन कई पुलिसकर्मी रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंचने के बावजूद पदोन्नति का इंतजार ही करते रह जाते हैं।













