हिमाचल: 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए 1.16 लाख परिवार चयनित

HP Free Electricity: हिमाचल में 300 यूनिट निशुल्क बिजली के लिए 1.16 लाख परिवार चिह्नित, ऐसे हुआ चयन
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Tue, 07 Jul 2026
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य उन परिवारों तक सीधी राहत पहुंचाना है, जो बढ़ती महंगाई और सीमित आय के कारण बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1.16 लाख अति निर्धन परिवारों की पहचान कर उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य उन परिवारों तक सीधी राहत पहुंचाना है, जो बढ़ती महंगाई और सीमित आय के कारण बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने छह अलग-अलग सामाजिक एवं आर्थिक मानकों के आधार पर सात चरणों में जांच-पड़ताल कर पात्र परिवारों की सूची तैयार की है। चयन प्रक्रिया में केवल आय को ही आधार नहीं बनाया गया, बल्कि परिवार की सामाजिक स्थिति, रोजगार की प्रकृति और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया है। योजना के तहत उन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी वार्षिक आय 75 हजार या उससे कम है। दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर परिवार, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सदस्य वाले घर, दिव्यांग, विधवा, एकल एवं तलाकशुदा महिलाओं के परिवार और अनाथ बच्चों की देखभाल कर रहे परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। निदेशक ग्रामीण विकास विभाग राघव शर्मा ने बताया कि जल्द ही सरकार को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
प्रदेश के गांव-गांव में हुई पड़ताल
ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक सत्यापन कराया। स्थानीय निकायों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मदद से पात्र परिवारों की स्थिति का आकलन किया गया। कई चरणों में दस्तावेजों की जांच और सामाजिक सत्यापन के बाद अंतिम सूची तैयार हुई, ताकि वास्तव में जरूरतमंद परिवार ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
बिजली बिल से मिलेगी बड़ी राहत
300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने से हजारों परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सीमित आय वाले परिवार घरेलू खर्चों को संतुलित करने के लिए संघर्ष करते हैं, वहां यह योजना आर्थिक संबल का काम करेगी। सरकार का अनुमान है कि इससे गरीब परिवारों की बचत बढ़ेगी और वे शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य आवश्यक जरूरतों पर अधिक खर्च कर सकेंगे।
सामाजिक सुरक्षा का नया मॉडल
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सार्वभौमिक सब्सिडी की बजाय सबसे जरूरतमंद परिवारों को लक्षित कर सहायता देने का यह मॉडल अधिक प्रभावी और टिकाऊ है। 1.16 लाख परिवारों की पहचान के साथ हिमाचल ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बेहतर लक्ष्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। सरकार अब योजना के क्रियान्वयन की औपचारिक प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। योजना लागू होते ही प्रदेश के सबसे कमजोर वर्गों को बिजली के खर्च से बड़ी राहत मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी।
बिजली उपभोक्ताओं की आवाज अब सीधे पहुंचेगी आयोग तक
बिजली उपभोक्ताओं की आवाज अब सीधे आयोग तक पहुंचेगी। हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े नियमों, सेवाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली आपूर्ति संहिता समीक्षा पैनल का पुनर्गठन कर दिया है। 14 सदस्यीय पैनल में बिजली बोर्ड, नियामक आयोग, उद्योग, होटल कारोबार, घरेलू उपभोक्ताओं और जलविद्युत क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह पुनर्गठन वर्ष 2024 में जारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन के तहत किया गया है। पैनल का मुख्य उद्देश्य बिजली आपूर्ति संहिता से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा करना, उपभोक्ताओं और विभिन्न हितधारकों के सुझावों पर विचार करना तथा जरूरत पड़ने पर संशोधनों की सिफारिश करना होगा।
बिजली बोर्ड के निदेशक परिचालन को बनाया
पैनल का अध्यक्ष राज्य बिजली बोर्ड के निदेशक परिचालन को बनाया गया है। एचपीईआरसी के कार्यकारी निदेशक तकनीकी संयोजक की भूमिका निभाएंगे। पैनल में बिजली बोर्ड, ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, विद्युत निरीक्षण विभाग और नियामक आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। आयोग ने इस बार उपभोक्ताओं और उद्योग जगत की भागीदारी को भी महत्व दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं के दो प्रतिनिधियों के अलावा गैर-घरेलू, गैर-वाणिज्यिक तथा जल एवं सिंचाई उपभोक्ताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र की ओर से बद्दी की बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है, जबकि होटल उद्योग का पक्ष रखने के लिए शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष को सदस्य बनाया गया है।
क्या है बिजली आपूर्ति संहिता समीक्षा पैनल
इसके अलावा हाइड्रो पावर डेवलपर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि को भी पैनल में जगह मिली है। बिजली आपूर्ति संहिता समीक्षा पैनल एक सलाहकार निकाय है, जो बिजली आपूर्ति से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करता है। यह पैनल उपभोक्ताओं, उद्योगों और बिजली कंपनियों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर आयोग को आवश्यक संशोधनों की सिफारिश करता है।
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