Himachal: रोहड़ू के कुलगांव में हर्ष फायरिंग से महिला की मौत, कार्रवाई की मांग

हिमाचल: रोहड़ू के कुलगांव में हर्ष फायरिंग बनी जानलेवा, महिला की मौत से पसरा मातम; स्थानीय लोगों ने की ये मांग
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 27 Apr 2026
जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में हवाई फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर से आरोपी को गिरफ्तार किया है।
रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में देर रात एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुई हवाई फायरिंग ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया। देवता के आयोजन में सैकड़ों लोग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नाच-गा रहे थे, तभी अचानक हुई फायरिंग के दौरान एक महिला को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मृतका की पहचान रितिका (उर्फ गुड़िया), पत्नी सतीश, निवासी गांव बकोरा डाकघर आंध्रा, तहसील चिड़गांव, जिला शिमला के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके पर से आरोपी को गिरफ्तार किया है । आरोपी रितिक रोहडू बाजार का रहने वाला है। बंदूक उसके किसी रिश्तेदार की बताई जा रही है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस समय कुलगांव में फायरिंग की घटना हुई और हथियार लहराए गए, उस दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही। उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर ऐसी घटना को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने शव को एंबुलेंस के माध्यम से शिमला भेजने की व्यवस्था की, तब जाकर मामला शांत हुआ।
इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में धार्मिक आयोजन के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया। उन्होंने मृतका रितिका (उर्फ गुड़िया) के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। राकेश जमवाल ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि यह घटना बताती है कि प्रदेश में कानून का भय खत्म हो चुका है और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रशासन और पुलिस सतर्क होती, तो इस तरह की दुखद घटना को रोका जा सकता था। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हथियार लहराना और फायरिंग होना प्रशासन की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है। राकेश जमवाल ने रोहड़ू अस्पताल में शव को ले जाने की व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार रेत से भरे वाहन में शव भेजने की कोशिश की गई, वह प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि परिजनों का आक्रोश पूरी तरह जायज है और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए।














