Himachal Pradesh: अनुबंध सेवाकाल लाभ मामलों का होगा वित्तीय आकलन, प्रशासनिक हलचल तेज

Himachal: अनुबंध सेवाकाल के लाभ देने वाले मंजूर लंबित मामलों का होगा वित्तीय आकलन, प्रशासनिक हलचल तेज
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Fri, 22 May
प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से भर्ती एवं सरकारी कर्मचारी सेवा शर्त अधिनियम-2024 को रद्द किए जाने के बाद राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से भर्ती एवं सरकारी कर्मचारी सेवा शर्त अधिनियम-2024 को रद्द किए जाने के बाद राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सरकार अब उन सभी मामलों की समीक्षा कर रही है, जिनमें अनुबंध सेवाकाल को नियमित सेवा में जोड़ने, वरिष्ठता, वेतन निर्धारण और अन्य सेवा लाभों की मांग की गई थी। राज्य सरकार ने सभी विभागों से अनुबंध सेवाकाल को नियमित सेवा में जोड़ने से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड तलब किया है।
शिक्षा विभाग ने यह जानकारी केवल दो दिन के भीतर उपलब्ध करवाने को कहा है। इससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2026 को देविंद्र कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार मामले में फैसला सुनाते हुए अधिनियम को निरस्त कर दिया था। इसके बाद सरकार ने लंबित मामलों, लागू किए गए आदेशों और संभावित वित्तीय बोझ का आकलन शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अदालत के फैसले से राज्य सरकार पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भार पड़ सकता है।















