हिमाचल: क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, यूपी-नेपाल तक नेटवर्क

हिमाचल: क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, यूपी से नेपाल तक फैला नेटवर्क; जानें विस्तार से
हिंदी टीवी न्यूज, मंडी। Published by: Megha Jain Updated Fri, 18 Sep 2026
मंडी में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। जांच के अनुसार आरोपी ने वर्ष 2025 में कमांद में कंपनी खोलकर लोगों को 60 से 70 दिन में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। शुरुआती निवेशकों को खाते में बढ़ी हुई रकम दिखाकर उनका भरोसा जीता जाता था।
क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी का नेटवर्क यूपी और नेपाल तक है। यहां भी शातिर ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। आरोपी मुख्य तौर संस्थान के आसपास ही अपना कार्यालय खोलकर निवेशकों को रिझाता था। निवेशकों को टारगेट में रखते हुए ही कार्यालय की लोकेशन रहती थी। आरोपी ने लोगों को फंसाने के लिए ऐसा जाल बिछाता था कि शुरुआती चरण में निवेश करने वाले खुद ही उसके लिए नए ग्राहक जुटाने लगे। आरोपी निवेशकों को एक से दो घंटे में ही उनके निवेश पर दोगुना मुनाफा दिखा देता। खाते में रकम बढ़ी हुई देखकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हो जाता।
विजिलेंस मामलों की जांच में अब डिजिटल और मोबाइल फोरेंसिक से लेकर साक्ष्यों के दस्तावेजीकरण और चार्जशीट तैयार करने तक हर स्तर पर गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जाएगा। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी मामले की जांच करीब 80 फीसदी पूरी होने पर ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार कर अभियोजन या कानूनी राय ली जाए। इससे जांच में रह गई संभावित कमियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा। विजिलेंस मामलों की जांच को अधिक पेशेवर और प्रभावी बनाने के लिए 16 और 17 सितंबर को विजिलेंस मुख्यालय शिमला में दो दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया। एसपी एसआईयू विजिलेंस विरेंद्र कालिया ने भी सत्र को संबोधित किया। डीजीपी एवं राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अशोक तिवारी डीजीपी ने पेशेवर, साक्ष्य आधारित, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच पर जोर दिया।















