मंजीत कौर का आखिरी वीडियो: आरोपियों के नाम बताए, बोलीं- मुझे जला दिया

मुझे जला दिया, किसी को मत छोड़ना: सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मंजीत कौर का आखिरी वीडियो, खुद बताए आरोपियों के नाम
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Sat, 12 Sep 2026
पंजाबी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मंजीत काैर के साथ 3 और 4 जुलाई की रात आरोपियों ने मारपीट की और जंगल में पेड़ से बांधकर आग लगा दी थी। 26 अगस्त को इलाज के दौरान मंजीत की मौत हो गई थी।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की हत्या के मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं। अब मंजीत काैर की मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया है। इसे काैर की बहन ने बनाया है
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को पीजीआई में इलाज के दौरान का बताया जा रहा है। पुलिस ने इसे जांच का हिस्सा बनाकर वीडियो में लगाए गए आरोपों की पड़ताल शुरू कर दी है।
मंजीत कौर का पीजीआई में इलाज चल रहा था। इसी दौरान होश में आने पर उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में उन्होंने नेहा, शुभी और शुभी के दो दोस्तों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ आरोप लगाए।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया और उसमें कही गई बातों की वास्तविकता क्या है। पुलिस वीडियो की तकनीकी जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि वीडियो में नाम लिए गए लोगों की घटना में क्या भूमिका थी।
पंजाब की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर के अपहरण और हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वारदात की परतें उतनी ही खौफनाक होती जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मंजीत की मौत मोरिंडा में नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में ही हो गई थी।
आरोप है कि हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को मोरिंडा ले जाकर ठिकाने लगाया गया। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से पुष्टि कर रही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले मंजीत को किसी पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया। इसके बाद उसके ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा ने पूछताछ में घटनाक्रम से जुड़ी ये जानकारियां दी हैं। पुलिस उसके बयानों को तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से वेरीफाई करने में जुटी है।
पिंदा ने पूछताछ में बताया था कि मंजीत और मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू के बीच पहले से विवाद चल रहा था। विवाद के बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां दोबारा हाथापाई हुई। इसके बाद मंजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है-क्या यही वह जगह है जहां मंजीत ने आखिरी सांस ली? इसकी पुष्टि के लिए पुलिस सेक्टर-34 और आसपास के इलाकों का मोबाइल डंप डाटा, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि वारदात के वक्त कौन-कौन लोग आसपास मौजूद थे और घटना के बाद आरोपी किस रास्ते से निकले।
जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है। मंजीत को सीधे आरोपियों ने नहीं बल्कि उसकी महिला मित्र शुभी ने एक ऐप के जरिये संपर्क कर मिलने के बहाने बुलाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शुभी से संपर्क किसने कराया, उसे क्या निर्देश दिए गए और क्या वह पूरी साजिश में शामिल थी या उसे भी मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया।
शुभी और रिंकू दोनों भाग हुए हैं। पुलिस को शक है कि हत्याकांड की साजिश में छह से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। किसी ने मंजीत को बुलाने, किसी ने उसे काबू करने और किसी ने वारदात के बाद शव ठिकाने लगाने या आरोपियों को फरार कराने में भूमिका निभाई हो सकती है।
मंजीत करीब तीन महीने की गर्भवती थी। अब गर्भ में पल रहा बच्चा भी जांच की अहम कड़ी बन गया है। पुलिस ने पिंदा का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा है जिसे भ्रूण के डीएनए से मिलाया जाएगा। जांच के दायरे में आने वाले अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल भी लिए जाने की तैयारी है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे का पिता कौन है और क्या मंजीत की गर्भावस्था या बच्चे के पिता से जुड़ा कोई विवाद हत्या की वजह बना? साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि मंजीत की गर्भावस्था की जानकारी किन लोगों को थी और क्या इसे लेकर किसी को आपत्ति थी।















