शिमला: तारादेवी में कार से 20 ग्राम चिट्टा बरामद, तीन युवक गिरफ्तार

शिमला: कार से मिला 20 ग्राम चिट्टा, तारादेवी में तीन युवक गिरफ्तार; स्पेशल सेल को मिली थी गुप्त सूचना
हिंदी टीवी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Mon, 19 Oct 2026
शिमला के तारादेवी क्षेत्र में पुलिस स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर एक कार की तलाशी लेकर करीब 20 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के तारादेवी क्षेत्र में पुलिस स्पेशल सेल ने एक कार से करीब 20 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। पुलिस ने कार में सवार तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। मामले में बालूगंज पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीनों युवक?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार (20), निवासी चक्कर, शिमला; लखविन्द्र सिंह (36), निवासी तारादेवी, शिमला और मूल निवासी होशियारपुर, पंजाब; तथा सौरव कश्यप (29), निवासी झालगी, तारादेवी, शिमला के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार (20), निवासी चक्कर, शिमला; लखविन्द्र सिंह (36), निवासी तारादेवी, शिमला और मूल निवासी होशियारपुर, पंजाब; तथा सौरव कश्यप (29), निवासी झालगी, तारादेवी, शिमला के रूप में हुई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस थाना बालूगंज में अभियोग संख्या 220/2026, दिनांक 19 अक्तूबर 2026, के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस थाना बालूगंज में अभियोग संख्या 220/2026, दिनांक 19 अक्तूबर 2026, के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नशे की आपूर्ति से जुड़े संपर्कों की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और क्या इसके पीछे कोई अन्य आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। मामले में आगे की स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और क्या इसके पीछे कोई अन्य आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। मामले में आगे की स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।















