हाईकोर्ट की पंजाब सरकार को फटकार: कर्मचारियों-पेंशनरों को डीए-डीआर देना ही होगा

पंजाब सरकार पर हाईकोर्ट की टिप्पणी: चांद-मंगल पर विज्ञापन लगाओ, कर्मचारियों-पेंशनरों को डीए-डीआर देना ही होगा
हिंदी टीवी न्यूज, चंडीगढ़। Published by: Megha Jain Updated Sat, 31 Oct 2026
हाईकोर्ट ने साफ किया कि विज्ञापन पर खर्च करना सरकार का नीतिगत फैसला हो सकता है। मगर कर्मचारियों को देय डीए और पेंशनरों को मिलने वाली डीआर का भुगतान करना भी उसकी जिम्मेदारी है। सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के नाम पर उनके हक की अनदेखी नहीं कर सकती।
पंजाब सरकार विज्ञापन चाहे चांद-मंगल पर लगाए लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) देना ही होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बकाया भुगतान के मामले में यह सख्त टिप्पणी की।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि सरकार को अपनी उपलब्धियों और कामकाज की जानकारी जनता तक पहुंचाने का अधिकार है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार चाहे तो चांद और मंगल ग्रह पर भी विज्ञापन लगा सकती है। लेकिन इससे कर्मचारियों और पेंशनरों के वैधानिक अधिकार खत्म नहीं हो जाते। अदालत ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन पर खर्च करना सरकार का नीतिगत फैसला हो सकता है। मगर कर्मचारियों को देय डीए और पेंशनरों को मिलने वाली डीआर का भुगतान करना भी उसकी जिम्मेदारी है। सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के नाम पर उनके हक की अनदेखी नहीं कर सकती।
मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल करने का आदेश
हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। उन्हें पांच नवंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को भी कहा गया।
हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। उन्हें पांच नवंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को भी कहा गया।















