हिमाचल: अध्ययन में खुलासा, बिना जरूरत लिखी जा रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, असर हो रहा कम

Himachal Pradesh : अध्ययन में खुलासा, जरूरी नहीं, फिर भी लिखी जा रहीं एंटीबायोटिक दवाएं; हो रहीं बेअसर
हिंदी टीवी न्यूज़, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Tue, 23 Sep 2025
सिविल अस्पताल कांगड़ा और पीजीआई चंडीगढ़ समेत कई संस्थानों के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जरूरी नहीं, फिर भी एंटीबायोटिक दवाएं लिखी जा रही हैं। इस कारण ये बेअसर हो रही हैं।
जरूरी नहीं, फिर भी एंटीबायोटिक दवाएं लिखी जा रही हैं। इस कारण ये बेअसर हो रही हैं। यह खुलासा सिविल अस्पताल कांगड़ा और पीजीआई चंडीगढ़ समेत कई संस्थानों के अध्ययन में हुआ है। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के 1219 मरीजों पर परीक्षण किया गया। इनमें एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने वालों में 20 से 40 साल उम्र के मरीजों की संख्या अधिक रही है। 57 फीसदी में यूरिनरी ट्रैक्ट और 29 फीसदी में श्वास के रोग के लिए दवा का प्रयोग तार्किक पाया गया।














