हिमाचल पेंशन घोटाला: FIR दर्ज, अफसर समेत 44 लोग जांच के घेरे में

Himachal: वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े में एफआईआर दर्ज, 44 लोगों के साथ अफसर भी जांच के घेरे में
हिंदी टीवी, रोहड़ू। Published by: Megha Jain Updated Wed, 13 May 2026
शिमला के छौहारा विकास खंड की तांगणू-जांगलिख पंचायत में सामने आए वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के छौहारा विकास खंड की तांगणू-जांगलिख पंचायत में सामने आए वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने के बाद जिला कल्याण अधिकारी ने चिड़गांव पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को 44 लोगों के नाम दिए गए, जिन पर अनुचित तरीके से वृद्धावस्था पेंशन को हड़पने का आरोप है। अनुचित तरीके से पेंशन लेने वालों के अलावा कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी जांच की जद में हैं। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस जांच में जैसे-जैसे आरोप सही पाए जाएंगे, वैसे ही आरोपियों के नाम एफआईआर में जोड़े जाएंगे। अमर उजाला ने छह मई के अंक में 44 से 54 साल आयु वाले भी डकार रहे वृद्धावस्था पेंशन… शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर छपने के बाद मुख्यमंत्री ने विभाग को पूरे मामले की जांच करने के आदेश दिए थे।
आरोपियों के नाम एफआईआर में जोड़े जाएंगे
इसके बाद सामाजिक कल्याण विभाग ने रिकॉर्ड खंगाला तो प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। इसके बाद जिला कल्याण अधिकारी की शिकायत पर चिड़गांव पुलिस थाने में पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है। हालांकि, अभी पुलिस के पास पूरा रिकॉर्ड नहीं आया है। बताया जा रहा है कि विभाग अपने स्तर पर भी दस्तावेजों का सत्यापन कर रहा है। जिनके दस्तावेज संदिग्ध पाए जा रहे हैं, वे पुलिस को सौंपे जा रहे हैं। आने वाले चार-पांच दिन के भीतर पुलिस को पूरा रिकॉर्ड मिलने की उम्मीद है। इसके बाद पुलिस आरोपियों के नाम एफआईआर में जोड़ेगी।















