रेरा कार्यालय शिमला से कांगड़ा स्थानांतरण पर रोक बरकरार

HP High Court: रेरा के दफ्तर को शिमला से कांगड़ा स्थानांतरित करने पर रोक बरकरार
हिंदी टीवी न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 01 Jan 2026
रेरा दफ्तर को शिमला से कांगड़ा शिफ्ट करने वाले आदेश पर अंतिम रोक को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के कार्यालय को शिमला से धर्मशाला (कांगड़ा) स्थानांतरित करने के राज्य सरकार के फैसले पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने रेरा दफ्तर को शिमला से कांगड़ा शिफ्ट करने वाले आदेश पर अंतिम रोक को बरकरार रखा है। सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि हिमाचल प्रदेश में रेरा के तहत पंजीकृत कुल प्रोजेक्ट्स में से 80 फीसदी प्रोजेक्ट्स केवल सोलन, शिमला और सिरमौर जिले में ही हैं। इसके विपरीत कांगड़ा जिले में केवल 20 प्रोजेक्ट्स पंजीकृत हैं। सरकार की ओर से दायर जवाब में यह सामने आया कि रेरा में कुल 43 स्वीकृत पदों के मुकाबले 36 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें से भी 19 कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्यरत हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि इतने कम स्टाफ वाले संस्थान को शिफ्ट करने से कोई बड़ा लाभ नहीं होगा। यदि दफ्तर धर्मशाला शिफ्ट होता है, तो डेवलपर्स को पहले वहां संपर्क करना होगा और फिर अन्य अनुमतियों के लिए वापस शिमला आना होगा। यह प्रक्रिया उनके लिए अत्यंत कठिन होगी। महाधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह फैसला शिमला को डी-कंजस्ट (भीड़ कम करने) और कांगड़ा के विकास के लिए लिया गया है।















