हिमाचल: नाबालिग से दुष्कर्म दोषी को 20 साल की सजा, ₹5 हजार जुर्माना

हिमाचल: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, पांच हजार रुपये जुर्माना; पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला
हिंदी टीवी न्यूज, रामपुर बुशहर। Published by: Megha Jain Updated Tue, 22 Sep 2026
रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी अरुण कुमार को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सही पाया और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत सजा सुनाई।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी अरुण कुमार पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला सोमवार को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत सुनाया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान नाबालिग के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में यह भी बताया कि घटना से करीब एक महीने पहले आरोपी उसे अपनी गाड़ी में ले गया था और उसके साथ यौन अपराध किया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह पेश किए।
16 गवाहों के बयान दर्ज
पॉक्सो कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने मामले की पैरवी की।
अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर सुनवाई के बाद आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सही पाया। इसके बाद पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत दोषी अरुण कुमार को 20 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस फैसले के साथ अदालत ने नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामले में दोषसिद्धि के बाद सजा निर्धारित की है। पीड़िता की पहचान कानून के तहत सार्वजनिक नहीं की गई है।














