Himachal: तारा देवी वन क्षेत्र में निजी निर्माण पर रोक, केएनएच से जवाब तलब

हिमाचल: तारा देवी वन क्षेत्र में नए निजी निर्माण पर रोक, केएनएच मामले में जवाब तलब
हिंदी टीवी न्यूज, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Sun, 21 Jun 2026
अदालत को सरकार की ओर से बताया गया कि शिमला के ठीक सामने स्थित तारा माता हिल एरिया को नए ग्रीन एरिया के रूप में संरक्षित करने के लिए कदम उठाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अवैध निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया। अदालत को सरकार की ओर से बताया गया कि शिमला के ठीक सामने स्थित तारा माता हिल एरिया को नए ग्रीन एरिया के रूप में संरक्षित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। इस क्षेत्र में अब कोई नया निजी निर्माण नहीं हो सकेगा। केवल राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी से पुराने ढांचे का उसी तर्ज पर पुनर्निर्माण किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्टेटस रिपोर्ट के बाद कहा कि यह वन क्षेत्र शिमला शहर के लिए एक प्रमुख ग्रीन लंग्स (हरे फेफड़ों) का काम करता है, इसे संरक्षित किया जाए।
सरकार ने स्पोर्ट्स रिपोर्ट में बताया कि शिमला प्लानिंग एरिया में 23 जुलाई 2024 को संशोधन की गई अधिसूचना के तहत 8 नए ग्रीन क्षेत्र बनाए गए हैं। इनमें रिट्रीट, मशोबरा, बैंड टुकड़ा आंद्री, शिव मंदिर आंद्री, ताल और गिरी, डीपीएफ खलीनी, बीसीएस मिस्ट चैंबर और परीमहल शामिल हैं। यहां पर निर्माण पर रोक है। स्टेटस रिपोर्ट में रीजनल प्लान (क्षेत्रीय योजना) की वर्तमान स्थिति भी अदालत के समक्ष रखी गई। बताया गया कि लाहौल-स्पीति रीजनल प्लान 24 मार्च 2026 को अधिसूचित और लागू किया गया है। सोलन योजना का काम अंतिम चरण में है। ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर इन जिलों के प्लान के लिए नई दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ समझौता हुआ है। यह कार्य 18 महीने में पूरा होगा। कांगड़ा, शिमला और कुल्लू ई-टेंडर के जरिए बोलियां आमंत्रित की गई थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से कंसल्टेंट्स को अभी तक काम नहीं सौंपा जा सका है।















