Himachal: बद्दी-नालागढ़ में 25 लाख नशीली गोलियां जब्त, 2,000 किलो पाउडर बरामद

हिमाचल प्रदेश: बद्दी-नालागढ़ में नशे की 25 लाख गोलियां और 2,000 किलो से ज्यादा टैपेंटाडोल पाउडर जब्त
हिंदी टीवी न्यूज, बद्दी (सोलन)। Published by: Megha Jain Updated Thu, 03 Sep 2026
बद्दी-नालागढ़ में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की चंडीगढ़ यूनिट ने नशीली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। कई ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करीब 25 लाख नशीली गोलियां और 2,000 किलोग्राम से अधिक टैपेंटाडोल पाउडर बरामद किया गया। जांच के दौरान एक फार्मा कंपनी के मालिक को हिरासत में लिया गया। एनसीबी अब दवाओं के निर्माण, भंडारण, आपूर्ति और कथित ड्रग डायवर्जन नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
बद्दी और नालागढ़ क्षेत्र में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फार्मास्यूटिकल ड्रग डायवर्जन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के दौरान नशे की करीब 25 लाख गोलियां और 2,000 किलोग्राम से अधिक टैपेंटाडोल पाउडर बरामद किया है। मामले में एक फार्मा कंपनी के मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित एक फार्मा कंपनी में कथित तौर पर बिना अनुमति टैपेंटाडोल पाउडर का निर्माण किया जा रहा था। एनसीबी की टीम ने कंपनी परिसर से करीब 40 किलोग्राम वजन वाले 30 ड्रम बरामद किए। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों से बड़ी मात्रा में तैयार नशीली गोलियां भी मिलीं।
ड्रग डायवर्जन नेटवर्क की भी जांच
एनसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद दवाओं का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। अधिकारियों को आशंका है कि बरामद दवाओं का संबंध बहुराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग डायवर्जन नेटवर्क से हो सकता है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वैध चिकित्सा उपयोग के लिए तैयार की गई दवाएं अनधिकृत बाजार तक कैसे पहुंच रही थीं। कथित नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, पैसों के स्रोत और मनी ट्रेल की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश राज्य दवा नियंत्रण प्रशासन के छह ड्रग इंस्पेक्टरों ने एनसीबी टीम की सहायता की।
बीबीएन में पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं नशीली दवाएं
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में नकली और नशीली दवाओं के मामलों में पहले भी कई बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 29 अगस्त को चंडीगढ़-बद्दी हाईवे पर 67.80 लाख नशीली गोलियां पकड़ी गई थीं। इससे दो दिन पहले, 27 अगस्त को औषधि नियंत्रण विभाग ने बद्दी के एक बंद गोदाम से करीब चार लाख नशीली गोलियां और इंजेक्शन बरामद किए थे।
रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 के बीच बद्दी और आसपास के क्षेत्र से जुड़े स्प्यूरियस मैन्युफैक्चरिंग के 11 मामले सामने आ चुके हैं। इन अलग-अलग मामलों में अब तक करीब 19 लोगों की गिरफ्तारी दर्ज की गई है।
बीबीएन में नकली दवाओं से जुड़े मामलों में पहले भी फार्मा कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में धर्मपुर स्थित एक फार्मा कंपनी से जुड़े विक्रांत कुमार और गौरव पंचाल के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद 22 सितंबर को मैसर्स एक्लाइम फॉर्मूलेशन कंपनी से जुड़े गिरिराज तोमर के खिलाफ कार्रवाई की गई।
22 नवंबर को मोहित बंसल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसमें आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई। वर्ष 2023 में 4 मार्च को साइपर फार्मा बद्दी से जुड़ा मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई। वहीं, 8 मई 2026 को मैसर्स जैना विजन से जुड़े ईशान बोहरा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जिसमें पुलिस ने चार लोगों की गिरफ्तारी की थी।
ड्रग कंट्रोल विभाग करेगा आगे की कार्रवाई
ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि बद्दी स्थित गोदाम से बरामद सामग्री का आकलन करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित फार्मास्यूटिकल यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई के दायरे में आ चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, यह यूनिट इस वर्ष फरवरी तक सील थी और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स इसकी तलाशी भी ले चुकी है। दवा नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कंपनी ने हाल ही में दोबारा उत्पादन गतिविधियां शुरू की थीं।














