Mandi landslide: सुंदरनगर में लैंडस्लाइड से मरनेवालों की संख्या 7 हुई, राहत और बचाव कार्य जारी

Mandi landslide: सुंदरनगर में लैंडस्लाइड से मरनेवालों की संख्या 7 हुई, राहत और बचाव कार्य जारी
मंडी जिला के सुंदरनगर उपमंडल के जंगमबाग में मंगलवार शाम को हुए पहाड़ दरकने से हुए भयंकर हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान गुरप्रीत सिंह, भारती, सुरेंद्र कौर, किरत, शांति देवी व प्रकाश चंद शर्मा और टाटा सूमो चालक राहुल निवासी खतरवाड़ी सुंदरनगर के रूप में हुई है।
मलबे की चपेट में आई एक टाटा सूमो गाड़ी की खिड़की नाले में दिखी है। भारी वर्षा के बीच राहत व बचाव कार्य जारी है। मलबा हटा लापता लोगों की तलाश जारी है। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। टाटा सूमो चालक राहुल नाचन क्षेत्र के खतरवाड़ी का रहने वाला है। सूमो में राहुल अकेला था या साथ में कोई और भी था। बचाव दल इसका पता लगाने का प्रयास कर रहा है।
मंगलवार शाम छह बजे शुरू हुआ राहत एवं बचाव कार्य अब भी जारी है। प्रशासन ने मौके पर जेसीबी तैनात की हैं। स्थानीय लोग भी प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल के साथ मलबा हटाने में सहयोग कर रहे हैं।
मलबे से निकाले गए 6 शव
अब तक छह शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। छठे मृतक की पहचान आधार कार्ड के आधार पर प्रकाश चंद शर्मा निवासी डढ़याल के रूप में हुई है। वह स्कूटी पर जा रहा था। पहाड़ी दरकने से मलबे की चपेट में आ गया था। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
लगातार बारिश और भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने मंडी जिले के सभी उपमंडलों में मंगलवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया। हालांकि, सदर उपमंडल के स्कूलों को इस आदेश से बाहर रखा गया है।
जोगेंद्रनगर उपमंडल के नेर घरवासड़ा क्षेत्र में मंगलवार आधी रात को भूस्खलन हुआ, जिससे 15 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। खतरे की आशंका को देखते हुए इन घरों को खाली करवाया गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
कीरतपुर मनाली फोरलेन बंद, 3000 ट्रक फंसे
लगातार भारी बारिश के कारण कीरतपुर-मनाली फोरलेन पिछले चार दिनों से बाधित है। जगह-जगह मलबा गिरने और सड़क धंसने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति यह है कि करीब 3000 से अधिक ट्रक रास्ते में फंसे हुए हैं। इससे ट्रक चालकों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।














