हिमाचल: राशन डिपुओं में महंगा हुआ सरसों का तेल, उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ

हिमाचल: राशन डिपुओं में महंगा हुआ सरसों का तेल, चुकाने होंगे इतने रुपये; उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ
हिंदी टीवी न्यूज, धर्मशाला। Published by: Megha Jain Updated Sat, 31 Oct 2026
हिमाचल प्रदेश में कुल 19.5 लाख उपभोक्ता हैं। प्रदेश में एक महीने में लगभग 30 हजार लीटर सरसों के तेल की खपत होती है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी राशन डिपुओं में इस महीने उपभोक्ताओं को सरसों का तेल 19 रुपये किलो महंगा मिलेगा। उपभोक्ताओं को अब एक लीटर तेल के लिए 160 रुपये के बजाय 179 रुपये चुकाने होंगे। इससे तेल के दामों में सीधे 19 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बाद अब राशन डिपुओं से तेल लेने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश में कुल 19.5 लाख उपभोक्ता हैं। प्रदेश में एक महीने में लगभग 30 हजार लीटर सरसों के तेल की खपत होती है।
दो लीटर सरसों का तेल ही उपलब्ध करवाया जा रहा
पिछले लगभग सात महीनों से रिफाइंड न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को दो लीटर सरसों का तेल ही उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस बार गोकुल एग्री इंटरनेशनल लिमिटेड और शक्ति न्यूट्रिशंस प्राइवेट लिमिटेड को सरसों के तेल के टेंडर दिए गए हैं। बाजारों में तेल के दाम बढ़ने के बाद अब निगम की ओर से डिपुओं में भी तेल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। वहीं, एपीएल श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को राहत देते हुए आटे का कोटा भी बढ़ाया गया है। अब उन्हें पहले के मुकाबले एक किलो अतिरिक्त आटा मिलेगा। अक्तूबर महीने में उपभोक्ताओं को 13 किलो आटा दिया गया था, इसे नवंबर महीने से बढ़ाकर 14 किलो किया गया है।
बाजारों में सरसों के तेल में दाम बढ़ने के कारण डिपुओं में भी सरसों के तेल में बदलाव किया गया है। निगम की ओर कम दामों वाली कंपनी के साथ ही टेंडर किए गए हैं। बावजूद इसके तेल के दाम 179 रुपये लीटर निर्धारित किए गए हैं।-अरविंद्र शर्मा, जीएम, खाद्य आपूर्ति निगम















